अन्ना हजारे ने रामलीला में 7 दिन से जारी अनशन तोड़ा, कहा- सरकार ने हमारी मांगें मान लींअन्ना हजारे ने सरकार से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और सशक्त लोकपाल की मांग की थी।

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  • अन्ना हजारे 23 मार्च से रामलीला मैदान में अनशन पर थे
  • अन्ना ने सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था

नई दिल्ली. अन्ना हजारे ने सात दिनों से जारी अपना अनशन तोड़ दिया है। गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रामलीला मैदान पहुंचे और अन्ना का अनशन तुड़वाया। उनके साथ केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी पहुंचे थे। शेखावत ने ही अन्ना का अनशन खत्म होने का ऐलान किया। अन्ना बोले,”सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं।’ उन्होंने सरकार से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और सशक्त लोकपाल की मांग की थी। बता दें कि अन्ना ने 23 मार्च से अपना अनशन शुरू किया था।

अन्ना बोले- डेढ़गुना समर्थन मूल्य देने को सरकार तैयार
– अनशन तोड़ने के बाद अन्ना ने कहा, “सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं। वो किसानों को डेढ़ गुना ज्यादा समर्थन मूल्य देने को तैयार हो गई है। इसमें फसल पैदा करने में किसानों की मेहनत और कर्ज पर लगने वाला ब्याज भी शामिल है।”

5 किलो तक घट गया था अन्ना का वजन
– अनशन के दौरान अन्ना का वजन करीब 5 किलो तक कम हो गया था। उनके एक साथी ने ये जानकारी दी और कहा कि अन्ना का ब्लडप्रेशर भी पढ़ गया था।
– इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने कहा था कि अन्ना ने 11 प्रमुख मांगें हमारे सामने रखी हैं और इनमें से 7-8 पर हम राजी हैं।

अन्ना ने कहा था- पुख्ता योजना लाए सरकार, तब तक जारी रहेगा अनशन
– अनशन शुरू करने से पहले अन्ना हजारे ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने कहा था, “मैंने अपनी मांगों को लेकर मौजूदा सरकार को कई बार चिट्ठी लिखी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। किसान देश में परेशान हैं, क्योंकि उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य नहीं दिया जा रहा है। किसान समर्थन मूल्य तय करने पर कोई कदम नहीं उठा रही है। मैं तब तक अनशन पर रहूंगा, जब तक मेरी चिंताओं को दूर करने का पुख्ता योजना सरकार नहीं लाती।’

 

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