आफताब अहमद के नॉमिनेशन में उमड़ा जनसैलाब, लोगों में ग़ज़ब का उत्सव देखने को मिला।

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हरियाणा ब्यूरो चीफ साहून खांन 

नूंह 

हरियाणा कांग्रेस के उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री आफताब अहमद ने आज नूह विधानसभा क्षेत्र से आगामी चुनाव के लिए नामांकन किया जिसमें इतना जनसैलाब उमड़ा की जिला कांग्रेस मुख्यालय से लेकर लघु सचिवालय तक सब कुछ थम गया।

चौधरी आफताब अहमद भारी भीड़ को देखकर फूले नहीं समा रहे थे। भारी गर्मी में लोगों का हुजूम लगभग तीन किलोमीटर पैदल चला, और जोश देखने लायक था।

चौ आफताब अहमद ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि
आज वो नूह विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन कर रहे हैं, नामांकन से पहले मैं आपकी दुआएं चाहता हूं आपका आशीर्वाद चाहता हूं, आपका साथ चाहता हूं, आपका प्यार चाहता हूं ताकि मैं झूट, नफ़रत और जुमलेबाजी को हरा सकूं और मेवात को न्याय, मेवात को उसके हको हुकूक दिला सकूं।

उन्होंने कहा कि बुजुर्ग उनके वालिद के समान हैं
आज यहां मेरे वालिद चौधरी खुर्शीद अहमद साहब के साथी मौजूद हैं, जो मेरे लिए मेरे वालिद के समान हैं और हमेशा रहेंगे।

आफताब अहमद ने कहा कि यहां हमारे परिवार के दुःख दर्द के सभी साथी मौजूद हैं, जो खुद आफताब अहमद हैं। यहां आया हर शख़्स ख़ुद कांग्रेस का उम्मीदवार है, यहां आया हर शख़्स मेवात का शुभचिंतक है, यहां आया हर शख़्स सच को जिताने के लिए फिक्रमंद है। 

आफताब अहमद ने कहा कि ये चुनाव मेरा नहीं, ये मेवात के लोगों का चुनाव है। ये चुनाव महात्मा गांधी बनाम गोडसे का चुनाव है, ये चुनाव सच बनाम झूट का चुनाव है, ये चुनाव भाईचारा बनाम नफ़रत का चुनाव है, ये चुनाव खुशहाली बनाम बर्बादी का चुनाव है।

आफताब अहमद ने कहा कि आप सच्चाई और झूट की इस लड़ाई में, सच के साथ खड़े हैं, मेवात के हकों के साथ खड़े हैं, गांधी के साथ खड़े हैं, भाईचारे के साथ खड़े हैं। उसके लिए मैं आपका आभारी हूं और हमेशा रहूंगा।

आफताब अहमद ने कहा कि कुछ लोगों के लिए ये चुनाव विधायक बनने का चुनाव हो सकता है लेकिन मेरे लिए ये चुनाव मेवात को बचाने का चुनाव है, मेवात के अधिकारों की रक्षा करने का चुनाव है, आप के हक़ और हुकूक को महफूज रखने का चुनाव है, गांधी की विचारधारा को मेवात में जिंदा रखने का चुनाव है, मेवात के हिन्दू, मुस्लिम, सिख ईसाई धर्म के सभी लोगों को आगे बढ़ाने का चुनाव है। पूर्व मंत्री आफताब अहमद मेरे लिए ये चुनाव किसान, युवा, छात्र, गरीब, मजदूर, महिलाओं, छोटे दुकानदार, व्यापारी, रेहड़ी लगाने वाले, लोगों की रक्षा करने का चुनाव है। आफताब अहमद ने कहा कि कई बार समाज में ऐसी जरूरत होती हैं, ऐसे हालात होते हैं, वक़्त का तकाज़ा होता है कि जब समाज को राजनीतिक बंधनों से मुक्त होकर, गांव- शहर की पार्टी बाजी से हटकर, आपस के छोटे मोटे मतभेदों को भूलकर, पुराने गिले शिकवे भूलकर, शिकायतों को भूलकर, सच और हक़ के साथ खड़ा होना लाजमी हो जाता है, फ़र्ज़ हो जाता है। आफताब अहमद ने कहा कि आज वो ही वक़्त समाज और पूरी मेवात के सामने है जब आपको सच और हक़ के साथ खड़ा होना है। मुझे यक़ीन ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि जो इलाका अंग्रजों और मुगलों से लडा हो वो अब गोडसे की विचारधारा फैलाने वालों से, नफ़रत फैलाने वालों से, जुमले बाजों से और गिरगिट की तरह रंग बदलने वालों से ऐसी लड़ाई लड़ेगा की कोई गांधी की सरजमीं पर फिर से उसके हत्यारे गोडसे का प्रचार प्रसार नहीं करेगा, जूमलेबाजी भूल जाएगा, नफ़रत फैलाना भूल जाएगा, और अपने खुद के लालच में गिरगिट जैसा रंग बदलना भूल जाएगा। पूर्व मंत्री आफताब अहमद ने कहा कि हम साथ चलेंगे, हिन्दू साथ चलेगा, मुस्लिम साथ चलेगा, हिंदुस्तान साथ चलेगा। मेवात की गंगा जमुना संस्कृति रही है, दुनिया में भाईचारा मशहूर रहा है, इस बार ह से हिन्दू, म से मुस्लिम, हम से हिंदुस्तान के नारे को आगे बढ़ाकर, नफ़रत को हराना है, जुमलों को हराना है, गिरगिट से तेज रंग बदलने वालों की फितरत को हराना है।आफताब अहमद ने कहा कि आप जानते हैं, सभी जानते हैं कि मेरे लिए मेरे परिवार के लिए हिन्दू- मुस्लिम दो हाथों की तरह रहे हैं, कभी नफ़रत की राजनीति जीवन में नहीं की, कभी लालच की राजनीति नहीं की, कभी भड़काने की राजनीति नहीं की, मैं भी आज आप सभी से आपका प्यार मांग रहा हूं। आफताब अहमद ने कहा कि आप ने हमेशा प्यार दिया, मान दिया, सम्मान दिया, साथ दिया, सहयोग दिया, समर्थन दिया उसका दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने कहा कि आप सभी आफताब हैं, आप सब खुद चुनाव लड़ रहे हैं, आप मिलकर चलो, मेहनत करो, जीत इंशा अल्लाह आपकी होगी, मेवात की होगी, हिन्दू मुस्लिम एकता की होगी, समाज की होगी।