एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन और यू.आर.आई. इंडिया मेवात में बड़ी धूमधाम से मनाएगी गाँधी जयंती:- मो. आरिफ टाई

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मेवात 
गाँधी जी और मेवात का रिश्ता”
किसी भी देश के विकास के लिए वहा की जनता का शांति और खुशहाली से रहना बेहद ज्यादा जरुरी है इसके बिना प्रगति की बात करना बेकार की बात है, इसी बात को हमारे राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी ने देश और दुनिया में कहा इसके बारे में हमें सोचना चाहिए और अमल भी करना चाहिए ये सबसे जरुरी है | एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन और यू.आर.आई 2 अक्टूबर को हरियाणा के मेवात में एक गाँधी यात्रा का आयोजन करने जा रही है ये यात्रा मेवात के मशहूर गांव व् गाँधी जी को समर्पित गांव गाँधी ग्राम घासेड़ा से गाँधी पार्क पार्क नूह तक होगी जिसमे मेवात हरियाणा के अलावा देश दुनिया के बुद्धिजीवी शामिल हो रहे है |
इस मोके पर यू.आर.आई. एशिया की डिप्टी डायरेक्टर क़ुतुब जहान किदवई भी आ रही है,क़ुतुब जहान से जब मीडिया के साथिओ ने फ़ोन पर बातचीत की तो उन्होंने बताया कि राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हें बापू या महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है, के जन्म दिन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है । गांधीजी विश्व भर में उनके अहिंसात्मक आंदोलन के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति वैश्विक स्तर पर सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए लम्बी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने सत्य और अहिंसा के आदर्शों पर चलकर भारत को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराया था। गांधी जयंती मनाकर एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन और यू.आर.आई. टीम राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित करना चाहता हैं। आज के विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी बापू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए तथा देश हित के लिए अपना योगदान दे। इसी उद्देश्य से गांधी जयंती का आयोजन किया जा रहा हैं।
गांधी जयंती 2019 : 151 वीं गांधी जयंती के मौके पर पढ़ें गांधी जी पर जवाहर लाल नेहरू समेत इन शख्सियतों के विचार:-
नसीम खान निर्देशक एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन ने कहा कि इस साल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 151वीं जयंती मनाई जा रही है । 2 अक्टूर 1869 को एक व्यवसायी परिवार में जन्मे मोहनदास करम चंद गांधी को उनके महान योगदान और त्याग के लिए लोग उन्हें महात्मा के नाम से जानते हैं। गांधी जी ने दुनिया को सत्य और अहिंसा का जो संदेश दिया उसे दुनिया के सभी देश मानते हैं।
मो. आरिफ टाई डिप्टी डायरेक्टर एशियन ह्यूमैनिटी फाउंडेशन ने कहा कि 2 अक्तूबर को पोरबंदर में एक बच्चे ने जन्म नहीं लिया था बल्कि इंसानियत के आंदोलन की शुरुआत हुई थी जो बहुत तेजी से पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है मुझे इस बात पर पूरा विश्वास है कि वह आज भी उतने ही असरदार है जितने कल थे। 151वीं गांधी जयंती के मौके पर पढि़ए गांधी जी पर पंडित जवाहर लाल नेहरू समेत इन महान लोगों के विचार: डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग जूनियर:-आने वाली पीढ़ियों को इस बात पर विश्वास करना मुश्किल होगा कि गांधी जैसा कोई व्यक्ति इस धरती पर आया था ।

अल्बर्ट आइंस्टीन, वैज्ञानिक गांधी जयंतीः बापू के ये अनमोल विचार जीवन में जरूर अपनाएं, अगर मानवता को आगे बढ़ाना है तो गांधी जी के बताये रास्ते बहुत ही जरूरी हैं। दुनिया में शांति और सद्भाव के लिए ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जीते, सोचते और काम करते थे । हम अपने जोखिम पर भी उन्हें नजरअंदाज कर सकते हैं।
दलाई लामा :– गांधी जी एक ऐसे महान व्यक्ति थे, जिन्हें मानवता की समझ थी। उनकी जिंदगी ने मुझे बचपन से ही प्रेरित किया है।
बराक ओबामा, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति:-अपनी जिंदगी में प्रेरणा के लिए मैं हमेशा गांधी की तरफ देखता हूं क्योंकि वह बताते हैं कि खुद में बदलाव कर साधारण व्यक्ति भी असाधारण काम कर सकता है।
रबिंद्रनाथ टैगोर:- महात्मा गांधी लाखों बेसहारा लोगों के दरवाजे पर पहुंच जाते हैं, उनसे उन्हीं की भाषा में बात करते हैं। आखिर और कौन है, जो इतनी सहजता से इस बड़े वर्ग को अपना रहा है।
जवाहर लाल नेहरू, देश के पहले प्रधानमंत्री:– इस देश में जो लौ रोशन हुई, वह साधारण नहीं थी। यह लौ आने वाले हजारों सालों तक भी राह दिखाती रहेगी।
गोपाल कृष्ण गोखले, स्वतंत्रता सेनानी :-वह सर्वश्रेष्ठ इंसान, हीरो और देशभक्त हैं। उनकी मौजूदगी से मानवता अपने शिखर पर पहुंची।

नेल्सन मंडेला, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति :-गांधी एक महान योद्धा थे। आज जब दुनिया में हिंसा का बोलबाला है, ऐसे में भी गांधी का अहिंसा और शांति का संदेश प्रासंगिक है।
आचार्य बिनोबा भावे:– मैं नहीं जानता कि गीता पढ़ने से ज्यादा मूल्यवान कुछ हो सकता है। मगर इसी बीच मैं ऐसे जीवित व्यक्ति से मिला, जिसने गीता के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतार लिया है। वह मेरे गुरु हैं और साबरमती के किनारे रहते हैं।
बाबा आमटे:- चरखा चलाकर गांधी ने आम आदमी के साथ हमेशा के लिए एक रिश्ता बना लिया। वह एक चुटकी नमक से भी महाआंदोलन शुरू कर सकते थे।
शैनॉन एल एल्डर, कवियित्री:– ऐसा कभी मत कहो कि दुनिया को बदलने के लिए तुम्हारे पास समय या पैसा नहीं है। आपके पास भी हर रोज उतने ही घंटे हैं, जितने गांधी, मदर टेरेसा और ईसा मसीह के पास थे।
आर्नोल्ड ज्वेग, पूर्व जर्मन लेखक:– जब गांधी का सितारा चमका तो उन्होंने दिखा दिया कि अहिंसा का सिद्धांत भी संभव है।

लॉर्ड रिचर्ड एटनबरो, पूर्व ब्रिटिश अभिनेता :-जब मैंने पूछा कि मानव स्वभाव की सबसे खास बात क्या है तो गांधी ने तुरंत जवाब बेहद सहजता से दिया-साहस और अहिंसा। यह कायरों को बचाने की ढाल नहीं है बल्कि साहसी लोगों के हथियार हैं।

हो ची मिन्ह, वियतनाम के पूर्व प्रधानमंत्री :-मैं और अन्य भले ही क्रांतिकारी हों, लेकिन हम सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर गांधी के शिष्य हैं। न इससे ज्यादा और न इससे कम।

यू थैंट, बर्मा के राजनयिक:– उनके बहुत से नियम दुनियाभर में लागू होते हैं और वे कभी पुराने नहीं हो सकते। उम्मीद है कि जल्द ही यह बात साबित हो जाएगी कि अहिंसा का उनका नियम भारत के लिए जितना जरुरी था, उतना ही बाकी दुनिया के लिए आज भी है। आज मेवात और देश दुनिया की दोनों बड़ी संस्थाओ ने इस बारे में ये तय किया की इस साल गाँधी जयंती मेवात में मनाई जाएगी जहा गाँधी जी ने मेवातीओ को देश विभाजन के समय भारत में रहने के लिए कहा और ये भी कहा की आप देश की रीढ़ है अगर आप जैसे बहादुर मुझे मिल जाये तो मैं देश को 48 घंटे में आजाद करा दूंगा और ये भी कहा की हम और यहाँ की सरकार आपकी सुरक्षा और समिर्धि की गारंटी देती है |