गलघोटू बिमारी के संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिशा-निर्देश देते हुए मेवात जिला कलेक्टर

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ब्यूरो नूंह मुख्यालय 

नूंह, 14 सितंबर:-  उपायुक्त पंकज की अध्यक्षता में शुक्रवार को उनके कार्यालय में गलघोटू बिमारी के संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त पंकज ने जिले के लोगों से आह्ववान किया कि गलघोटू एक खतरनाक बिमारी है, जिसके कारण मृत्यु तक हो सकती है। इसके बचाव के लिए जिले के रोगी तुरंत अपने नजदीकी मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में चिकित्सकों से संपर्क करें ताकि बिमारी से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि बच्चों को बुखार के साथ गले में सूजन आना व सांस लेने में तकलीफ, खाने-पीने में दिक्कत होना गलघोटू (डिपथिरीया) बीमारी का मुख्य लक्षण होता है। उपायुक्त ने बताया कि इस बिमारी के लक्षण को देखते हुए रोगी तुरंत किसी बडे अस्पताल में सम्पर्क करें। नूंह जिले में इस बिमारी का जो विशेष टीका (एण्टी डिक्थरीरियां सिरम)लगाया जाता है वह नल्हड़ मेडिकल कालेज में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जिस भी रोगी को गलघोटूं बिमारी के लक्षण दिखाई पडते है तो जल्द से जल्द नल्हड़ मेडिकल कालेज में सम्पर्क करें। उन्होंने बताया कि इस बिमारी का बचाव एक मात्र टीका है अत: समय रहते टीका अवश्य लगवाए। डा. संजीव तंवर ने बताया कि बच्चों में गलघोटू बिमारी होने का मुख्य कारण शिशु को जन्म के समय पूर्ण टीकाकरण नही करवाना है। उन्होंने कहा कि यह बिमारी मेवात को छोड कर पूरे हरियाणा में बहुत कम होती है, क्योकि प्रदेश के अन्य जिलों में माता-पिता अपने बच्चों को जन्म के समय टीकाकरण का पूरा कोर्स कराते है। इस बिमारी से जिले में कुछ मौतें होने की सूचना मिली है। उन्होंने लोगों से आह्ववान किया कि वे अपनों बच्चों को गलघोटू, काली खांसी, टैटनिश के टीके जन्म के समय अवश्य लगवाए और टीको का कोर्स पूरा करवाए ताकि भविष्य में बच्चों को जानलेवा बिमारी न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों को जन्म के समय से सरकार द्वारा यह टीके मुफ्त लगाए जाते है।