फार्मासिस्ट वर्ग का शोषण व अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण, मुख्यमंत्री जी दिलाएं खोया सम्मान- दलाल

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हरियाणा ब्यूरो चीफ साहून खांन नूंह 

मेवात
एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ़ हरियाणा के सभी जिलों के फार्मासिस्ट वर्ग ने आज सरकार द्वारा की जा रही अनदेखी पर गहरा रोष जताते हुए करनाल में मुख्यमंत्री आवास स्तिथ कैंप ऑफिस पर जोरदार सरकार विरोधी प्रदर्शन किया। सरकार ने 21 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास पर बैठक कर समस्याएं सुलझाने हेतू बैठक के लिए समय दिया है। इस मौके पर राज्य प्रधान विनोद दलाल ने कहा अगर बैठक में कोई समाधान नहीं निकलता है तो 26 अगस्त से प्रदेश के सारे फार्मासिस्ट सामूहिक अवकाश लेकर अनिश्चित आंदोलन की घोषणा कर देंगे। एक फार्मासिस्ट जो स्वास्थ्य संस्था की रीढ़ होता है व अपने कार्य के साथ साथ हर तरह की जिम्मेदारी का निर्वाहन बेहतरीन तरीके से करता है, चाहे वो डॉक्टर की अनुपस्तिथि में संस्था के इंचार्ज का कार्य हो, चाहे जन्म मृत्यु रिकॉर्ड के रजिस्ट्रार का कार्य हो। पोस्टमार्टम हो या टी बी, हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों की दवा, रजिस्ट्रेशन या वैक्सीन सबंधी, ज़ब भी कोई संस्था में ज्यादा जिम्मेदारी वाला कार्य हो, सबको फार्मासिस्ट ही याद आता है। बिना घड़ी में समय देखे एक फार्मासिस्ट ही कार्य करता है। उन्होंने इसे विडंबना ही बताया की ज़ब हक देने की बात आती है तो पीछे धकेल दिया जाता हैl राजपत्रित फार्मासिस्ट का वेतनमान 4200/ होना सिस्टम के निद्रालीन होना दर्शाता है। फार्मासिस्ट केटेगरी जो सभ्य मानी जाती है, जनता की सेवा में विश्वास रखती है उसे पीछे धकेल दिया जाता है। सरकार ने समान पैरा मेडिकल केटेगरी का वेतनमान 4600/- ग्रेड पे कर दिया है वहीं फार्मासिस्ट को 4200/- पर ही रख दिया है जो कैटेगरी पदोन्नति के बाद फार्मासिस्ट बनने का सपना देखती थी उसका वेतनमान फार्मासिस्ट के समकक्ष कर दिया गया है जो इस वर्ग का सरासर सम्मानहरण है lउल्लेखनीय है नियमानुसार फार्मासिस्ट कैडर के 25 प्रतिशत पद मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर एवं लैब तकनीशियन की पदोन्नति से भरे जाते हैं। श्री दलाल ने मुख्यमंत्री से आह्वान किया कि वो इस अन्याय में दखलअंदाजी करें एवं फार्मासिस्ट वर्ग को सम्मान दिलाकर न्याय करें ।

इस मौके पर पूर्व राज्य प्रधान अनिल परमार ने कहा कि एक क्लर्क रिटायर होने तक राजपत्रित पद पर पहुंच जाता है वहीं फार्मासिस्ट की पदोन्नति न के बराबर होने से उसी पद से सेवानिवृत हो जाता है l हरियाणा के कोने कोने से आये फार्मासिस्ट वर्ग ने ध्वनिमत से कहा कि अगर सरकार फार्मासिस्ट वर्ग की मांग पर विचार नहीं करती है तो यह वर्ग भी अन्याय के खिलाफ आंदोलन को और तीव्र किया जायेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम खुला पत्र जारी किया गया जिसमे एक फार्मासिस्ट के कार्यों का उल्लेख करके न्याय माँगा गया है एवं आम जनता से असुविधा के लिए माफ़ी मांगतेहुए न्याय युद्ध में साथ देने का आह्वान किया गया है। इस मौके पर राज्य महासचिव ईश्वर सिंह, अरुण कुमार, बलबीर श्योराण, हरि निवास धनखड़, रोहित कौशिक, शम्मी वर्मा, अनिल झवरी, बलजीत सिंह वीरेंदर सहारण आदि ने सम्बोधित किया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग, ई एस आई डिपाटमेंट, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम , इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन, एन एच एम, पालीक्लिनिक एवं सभी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत फार्मासिस्ट उपस्थित थे।

लगी भीड़, हुई परेशानी : फार्मासिस्ट वर्ग के धरने की वजह से शहर में भारी भीड़ होने से यहां के निवासियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। फार्मासिस्ट वर्ग ने धरने के बाद सभी से क्षमा मांगते हुए कहा कि सरकार उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर रही है। इंसानियत का परिचय देते हुए सभी फार्मासिस्टों ने रोड़ पर जाम खुलवाने में मदद की ताकि ज्यादा परेशानी ना हो।