फार्मासिस्ट वर्ग का शोषण व अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण – जिला प्रधान साजिद हुसैन

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हरियाणा ब्यूरो चीफ साहून खांन नूंह 

एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ़ हरियाणा के सभी जिलों के फार्मासिस्ट वर्ग ने आज सरकार द्वारा की जा रही अनदेखी पर गहरा रोष जताते हुए जिला नागरिक हस्पताल पर 9 से 10 बजे तक कार्य छोड़कर गेट मीटिंग एवं काली पट्टी बांधकर सरकार विरोधी प्रदर्शन किया।

इस मौके पर जिला प्रधान ने कहा एक फार्मासिस्ट जो स्वास्थ्य संस्था की रीढ़ होता है व अपने कार्य के साथ-साथ हर तरह की जिम्मेदारी का निर्वाहन बेहतरीन तरीके से करता है, चाहे वो डॉक्टर की अनुपस्तिथि में संस्था के इंचार्ज का कार्य हो, चाहे जन्म मृत्यु रिकॉर्ड के रजिस्ट्रार का कार्य हो। पोस्टमार्टम हो या टी बी, हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों की दवा, रजिस्ट्रेशन, ज़ब भी कोई संस्था में ज्यादा जिम्मेदारी वाला कार्य हो, सबको फार्मासिस्ट ही याद आता है। बिना घड़ी में समय देखे एक फार्मासिस्ट ही कार्य करता है। उन्होंने इसे विडंबना ही बताया की ज़ब हक देने की बात आती है तो पीछे धकेल दिया जाता है। राजपत्रित फार्मासिस्ट का वेतनमान 4200/ रू होना सिस्टम के निद्रालीन होना दर्शाता है। फार्मासिस्ट केटेगरी जो सभ्य मानी जाती है, जनता की सेवा में विश्वास रखती है उसे पीछे धकेल दिया जाता है । सरकार ने समान पैरा मेडिकल केटेगरी का वेतनमान 4600/ रू ग्रेड पे कर दिया है, वहीं फार्मासिस्ट को 4200/रू पर ही रख दिया है जो इस वर्ग का सरासर सम्मानहरण है। उन्होंने 18 अगस्त को करनाल में होने वाले मुख्यमंत्री निवास के धरने पर बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। इस मौके पर जिला सचिव ने कहा कि एक क्लर्क रिटायर होने तक राजपत्रित पद पर पहुंच जाता है वहीं फार्मासिस्ट की पदोन्नति न के बराबर होने से उसी पद से सेवानिवृत हो जाता है । जिले के सभी फार्मासिस्ट वर्ग ने ध्वनिमत से कहा कि अगर सरकार फार्मासिस्ट वर्ग की मांग पर विचार नहीं करती है तो यह वर्ग भी अन्याय के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजायेगा। इस मौके पर जिले के सभी फार्मासिस्ट उपस्थित थे ।

मरीजों की लगी लम्बी लाइन, हुई परेशानी :

फार्मासिस्ट वर्ग के धरने की वजह से हस्पताल में एक घंटा खिड़की बंद होने से उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। फार्मासिस्ट वर्ग ने धरने के बाद सभी मरीजों से क्षमा मांगते हुए कहा कि सरकार उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर रही है। इंसानियत का परिचय देते हुए सभी फार्मासिस्टों ने एकजुट होकर दवा वितरण करके भीड़ को जल्दी निपटाया ताकि ज्यादा परेशानी ना हो