गुरूग्राम के तत्कालीन मुख्य अभियंता के खिलाफ राज्य चौकसी ब्यूरो करेगी जांच शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने दी हरी झंडी   30 करोड रूपए के पाइप खरीद से जुडा है मामला  

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चंडीगढ़, 29 मई -गुरूग्राम नगर निगम में नियमों का पालन किए बिना ही 30 करोड रूपए के पाइप खरीद मामले में तत्कालीन मुख्य अभियंता घेरे में आ गए हैं। शहरी
स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संबंधित अधिकारी के लिए राज्य चौकसी ब्यूरो से जांच कराने के निर्देश दे दिए हैं।
आज यहां जानकारी देते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि नगर निगम ग्ररूग्राम में पाइपों की खरीद में अनियमितता को लेकर
तत्कालीन वरिष्ठ उप महापौर यशपाल बत्रा द्वारा शिकायत देकर जांच की मांग की गई थी। जिसपर विभागीय रिपोर्ट में तत्कालीन मुख्य अभियंता बीएस
सिंगरोहा द्वारा लापरवाही बरतने से राजस्व हानि होने का मामला सामने आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की राज्य चौकसी ब्यूरो से जांच कराने का प्रस्ताव भेजा गया, जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सहमति प्रदान
कर दी है।
मंत्री कविता जैन ने बताया कि तत्कालीन वरिष्ठ उप महापौर यशपाल बत्रा की शिकायत पर जांच करने के दौरान चंडीगढ मुख्यालय से अधिकारियों द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की गई थी। जिसमें पता चला कि मुख्य अभियंता द्वारा 50 लाख
रूपए तक की खरीद की मंजूरी देने का अधिकार है, लेकिन वर्ष 2010-14 के दौरान गुरूग्राम नगर निगम में तत्कालीन मुख्य अभियन्ता बीएस सिंगरोहा ने नियमों को ताक पर रखते हुए 30 करोड रूपए के डीआई पाइप की खरीद कर दी। इसमें वित्तीय अनियमितता की गंभीरता को देखते हुए तथा जांच को स्वतंत्र एजेंसी से कराने पर महानिदेशक शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा प्रस्ताव दिया गया। मंत्री कविता जैन ने कहा कि पालिकाओं में किसी भी प्रकार के
भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी मामले में दोषी रहेगा, उसके खिलाफ कडी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी आह्वान किया कि
वह पालिकाओं में हो रहे विकास कार्यों की निगरानी करें तथा जनता के एक-एक पाई का सदुपयोग किया जा सके।

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